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सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नाक हो जाती है ठंडी, तो इन आसान उपायों से इससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाà¤à¤‚
जब सरà¥à¤¦à¥€ बढ़ जाती है, तो बà¥à¤²à¤¡ का सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ जरूरी अंगों की तरफ पहले होती है.
how to warm a cold nose: सरà¥à¤¦à¥€ में कà¥à¤› लोगों के हाथ, पैर और नाक का जà¥à¤²à¤¦à¥€ ठंडा हो जाना सामानà¥à¤¯ बात है. हममें से कई लोग कà¤à¥€ न कà¤à¥€ इसका अनà¥à¤à¤µ किया ही है. कà¥à¤› लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€ लगती है. दरअसल, जब सरà¥à¤¦à¥€ बढ़ जाती है, तो बà¥à¤²à¤¡ का सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ जरूरी अंगों की तरफ पहले होती है. इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में हाथ, पैर, नाक जैसे बाहरी अंगों में खून का सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कम होने लगता है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर के जरूरी अंगों को गरà¥à¤® रखना पहली पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता होती है. यानी जब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€ होती है, तब बà¥à¤°à¥‡à¤¨, हारà¥à¤Ÿ लिवर, किडनी, आंत जैसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों को गरà¥à¤® रखने के लिठखून का बहाव उधर जाता होता है और बाहरी अंगों की तरफ कम होता है. इसलिठजिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ असर करता है, उसके साथ यही समसà¥à¤¯à¤¾ होती है. सरà¥à¤¦à¥€ आते ही उनकी नाक ठंडी होने लगती है. यहां तक कि कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नाक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड होने पर सà¥à¤¨à¥à¤¨ à¤à¥€ पड़ जाती है.
जिन लोगों को थॉयरायड, निमोनिया, डायबिटीज आदि की समसà¥à¤¯à¤¾ है, उन लोगों को नाक ठड होने की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आशंका रहती है. आखिर वह कौन सी वजह है जिसके कारण कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नाक सरà¥à¤¦à¥€ में ठंडी पड़ जाती है. आइठइसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं.
नाक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाती है ठंडी
हेलà¥à¤¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ की खबर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• नाक ठडी होने की कई वजह हो सकती है. सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में शरीर à¤à¥€à¤¤à¤° के अंगों के तापमान को बरकरार रखने के लिठकई चीजों में बदलाव करता है. अगर शरीर के सà¤à¥€ अंगों तक बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ लगातार बना रहे तो सरà¥à¤¦à¥€ का सामानà¥à¤¯ अहसास होता है लेकिन कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€ लगती है. इसका कारण है शरीर अपना तापमान हमेशा नियत रखने की कोशिश करता है. हेलà¥à¤¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ की खबर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जब बाहर की सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है तो शरीर का पहला काम होता है शरीर के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंदरà¥à¤¨à¥€ अंगों को सरà¥à¤¦à¥€ के पà¥à¤°à¤•ोप से बचाना. इसलिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगता है. दूसरी ओर शरीर के बाहरी अंगों जैसे कि हाथ, पैर, नाक आदि में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कम होने लगता है. यही कारण है कि सरà¥à¤¦à¥€ में कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की नाक बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड हो जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वहां तक बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ घटने लगती है.
नाक गरà¥à¤® कैसे रखें गरà¥à¤®
गरà¥à¤® पानी से सेंक लें. à¤à¤• साफ कपड़े को गरà¥à¤® पानी में à¤à¤¿à¤‚गोà¤. उसके बाद उसे निचोड़ कर इसे नाक पर सिंकाई करें. इसे तब तक सिंकाई करें, जब तक कि नाक गरà¥à¤® न हो जाà¤.
पानी को इतना ही गरà¥à¤® करें, जितना आप बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कर सके.
गरà¥à¤® कॉफी, चाय, सूप आदि का सेवन करें. इससे आपका शरीर अंदर से गरà¥à¤® रहेगा. यदि आप अंदर से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® रहेंगे तो सà¥à¤•िन में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶ सही रहेगा.
बाहर निकलते समय सà¥à¤•ारà¥à¤« का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें. जब à¤à¥€ बाहर निकलें, हमेशा कान को ढके रहे.
सà¥à¤Ÿà¥€à¤® à¤à¤¾à¤ª लेना à¤à¥€ फायदेमंद रहेगा. इससे बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बरकरार रहेगा.
गरà¥à¤® सूप पीà¤à¤‚.
बाहर से आने के बाद या बाहर जाते समय गरà¥à¤® पानी से नाक को साफ करें.
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